*माँ और प्रकृति*
यदि मानव जाति अपराध करने से पुर्व ही ये विचार कर ले कि इचका अंत कितना कष्टकारी और पीड़ादायी हौगा तो ना ही अपराध हींगे ओर ना ही अपराध की भावना जन्म ले पायेगी।
माँ और प्रकृति
माधब गोगोई
संस्थापक
মানুহে মানুহক ভাল পাওক, প্ৰকৃতিক কৰক সন্মান'— ৰঙালী বিহুৰ ক্ষণত মাধৱ গগৈৰ বিশ্ববাসীলৈ শান্তিৰ আহ্বান প্ৰকৃতিৰ বুকুত বসন্তৰ পৰশ আৰু চৌদিশ...